देशभक्ति कवितायें
भारत माता की शान हूँ मैं, ए पी जे अब्दुल कलाम हूँ मैं
जो वन्देमातरम कहकर, गर्व से फूल जाए वो मुसलमान हूँ मैं
मैंने देखा था अजब नजारा, जब मैं मौत की नींद में सोया था…..
तो हिंदु या मुसलमान नहीं, पूरा हिन्दुस्तान रोया था……………..
जो कर सकता था, वो सब कुछ किया मैंने अपने देश के लिए
अपने जीवन का एक-एक पल जीया अपने देश के लिए
अब मेरे हिन्दुस्तान को संवारो और सम्भालो तुम…….
देश के दुश्मनों से मेरे देश को बचा लो तुम……………….
मेरे भारत को फिर विश्व गुरु बनाना है तुम्हें
भारत को फिर दुनिया का सिरमौर बनाना है तुम्हें
जो सपने मैंने अपने भारत के लिए देखे हैं………….
उन सपनों को सच कर दिखाना है तुम्हें………………
याद रखो, जो देशभक्त हो वही हिंदु या मुसलमान होता है
जो गद्दार हो, वो तो बस गद्दार होता है… इस धरती पर भार होता है
हर गली-मुहल्ले में देशभक्ति की अलख जगा दो तुम…..
हर देशभक्त को अब्दुल कलाम बना दो तुम…………