सन्नाटा - लघुकथा -
सोनू ने स्कूल से आते ही, स्कूल बैग पटक कर, सीधे दादा जी के कमरे का रुख किया, "दादा जी, ये ब्लफ मास्टर क्या होता है?"
दादाजी अपने दोस्तों के साथ वर्तमान राजनीति पर चर्चा में मशगूल थे।जिनमें कुछ लोकल लीडर भी थे| अतः सोनू को टालने के लिये कहा,"सोनू, अभी तुम स्कूल से आये हो। ड्रेस बदल कर कुछ खा पी लो। फिर बात करते हैं।"
"नहीं दादाजी, मुझे पहले यह जानना अधिक जरूरी है।"
"सोनू, अभी हम लोग देश के मौजूदा हालात के बारे में कुछ आवश्यक बात कर रहे हैं।"
"मेरी जानकारी भी आपकी बातचीत से जुड़ी हुई है।
"अरे वाह, वह कैसे?"
"मेरे स्कूल के कुछ लड़के अपने देश के सबसे बड़े नेता जी को ब्लफ मास्टर कहते हैं।"
"बुरी बात, देश के किसी भी बड़े नेता के लिये ऐसी भाषा का प्रयोग अभद्रता माना जाता है। उन लड़कों को उचित मार्ग दर्शन की आवश्यकता है।"
"दादाजी, बिल्कुल यही बात मैंने उनको कही थी, लेकिन।"
"लेकिन क्या ?"
"उन लोगों का कहना था कि वे नेताजी भी तो पुराने नेताओं के लिये अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हैं।"
कमरे में सन्नाटा पसर गया।