#moral stories | ॥टर्निंग प्वाइंट ॥
शिशिर सिक्स क्लास में पढता था । वह पढ़ने में बहुत ही होशियार था लेकिन आलसी होने के कारण वह लिखने मे हमेशा जी चुराता था । उसकी इस आदत से सभी टीचर व पापा -मम्मी भी परेशान रहते थे । मां हमेशा उसे लिखकर याद करने की सलाह देती थी लेकिन वह बात को सुन कर हमेशा टाल देता था । इसलिए उसकी गिनती साधारण बच्चों में होती थी ।
इसी आदत की वजह से एक बार उसका होमवर्क औंर क्लास वर्क छूट गया पिछला पूरा करने के चक्कर में आगे का काम भी पिछडता चला गया । मैम के बार -बार कहने पर भी उसने कापियां जमा नहीं की ।संकोची होने की वजह से उसने किसी बच्चे से कॉपी भी नहीं मांगी । अर्धवार्षिक परीक्षा नजदीक होने पर एक दिन मैम ने उसका बैग चेक करने पर उन्होंने शिशिर की सारी कापियां खाली देख मैम ने शिशिर की माँ को फोन कर सारी बात बताई तो सीमा के तो पैरों तले की जमीन ही खिसक गई । सीमा ने बच्चों से कॉपी लेकर दिन रात एक कर उसका सारा काम पूरा करवाया । खुद उसकी पढाई पर पूरा ध्यान देने लगी । नतीजा यह हुआ कि अर्धवार्षिक परीक्षा में शिशिर क्लास में आठवीं पोजीशन पर आया । यह देखकर शिशिर का हौसल बढ गया ।उसने औंर मेहनत की और फाइनल परीक्षा में शिशिर ने क्लास में टाँप किया । उसका रिजल्ट देख सभी शिक्षक बहुत खुश हुए ।
शिशिर को 'एनुअल डे' पर असेंबली में स्टेज पर बुला कर सम्मानित किया गया और एक प्रेरक बच्चे के रूप में उसको सारे स्कूल के बच्चों के सामने प्रस्तुत किया गया । यह देख कर शिशिर को बहुत ही अच्छा लग । उस दिन के बाद से फिर शिशिर ने कभी पीछे पलट के नहीं देखा । अब उसे पता चल गया था कि मेहनत औंर जिम्मेदारी से किया हुआ काम हमेशा शुभ, फलदाई होता है ।