?? जय श्री कृष्णा??
*जय गणपति सुप्रभात।*
*यदतीतमतीतं तत्संदिग्धं यदनागतम्।*
*तस्माद्यत्प्राप्तकालं तन्मानवेन विधीयताम्॥*
जो हो चुका है वह अतीत हैं तथा जो अभी आया नहीं है वह भविष्य है और अनिश्चित हैं। इसीलिए मनुष्य को वही काम करना चाहिए जो वर्तमान के अनुसार साध्य हैं।
सुप्रभात