मैं लिखती , तू पढ़ता,
मैं दर्द दिखाती ,तू मरहम लगाता,
मैं गुस्से में तुझसे बात करती,
तू मुस्कान के साथ मुझे बड़े प्यार से देखता,
मैं कहती चले जाओ , क्यों आए हो?
तुम बड़े ही सहज रूप में गले से लिपट के रो पड़ते....
उफ़्फ़ ! ये ख्वाइशें मेरी जान ले जाएगी एक दिन !!