कर्म करता हूँ सदा जी जान से ।
रोज सबजी बेचता हूँ शान से ॥
आ गया मैं सबजी लेकर आ गया ।
सब्जियाँ मै बेचता हूँ गान से ॥
तोल का पक्का हूँ कांटा देख लो ।
बेचता हूँ सब्जियाँ इमान से ॥
लूटनेवालों को मैं हूँ लूटता ।
माल बेचू खीचकर धनवान से ॥
जानता हूँ ग्राहको के मूड को ।
वो नहीं मेरे लिये अंजान से ॥
आलु भींडी या टमाटर प्याज को ।
बेचता हूँ प्यार से गुणगान से ॥