दीखावे के प्यार/परवाह से अच्छा है सच्चा प्यार ->...ॐD
उनके लिए दुःखी क्यु होना जीनको हमारी हमारे प्यार की परवाह नहीं | हमें तो उनके लिए जीना चाहिए खुश होना चाहिए जो हमें प्यार करते है जो हमारी परवाह करते है | थोडा है पर सारा जहां का प्यार दे सकते है | ऐसी खुशी लाखो लोग मीलकर भी नहीं दे सकते | हमारी खुशी चाहने वालों का प्यार परवाह ही काफी है | दुसरो के दीखावे के प्यार/ परवाह से लाख गुनाह अच्छा है सच्चा प्यार |...ॐD