अनमोल रिश्ता
सभी को जीवन में,
कोई चाहिए, समझने वाला,
सहारा देने वाला।
सुख-दुख का सच्चा साथी,
अच्छे-बुरे सभी रूपोंको अपनाने वाला।
आपकी एक आवाज पर,बिना सवाल किए,
बिना आनाकानी किए,हर हाल में,
हर समय,साथ खड़ा होने वाला।
वो कोई भी हो सकता है,
आपके पिता, भाई,
पति,दोस्त, बहन, माँ, ......
पर एक तो होना ही चाहिए,
जो आपके हर काम में,
आपका सच्चा साथी हो,
भावनाओं को समझने वाला,
आपकी आँखों को पढ़ने वाला,
जो अहसास दिलाए हमें
कि तू अकेला नहीं है यहॉं,
मैं साथ तेरे हूंॅ सदा।
रिश्ते को नाम नहीं चाहिए,
नाम से क्या होता भला।
उसके होने का अहसास ही काफी
और ऐसा साथी सभी को चाहिए,
रिश्तों का मोल जिसे हो पता।
हे ईश्वर! करो ऐसी कृपा ,
सभी को दो एक अनमोल रिश्ता,
ताकि अकेला ना रहे दुनिया में,
कोई भी बंदा, कभी यहॉं। .......... दीप शिखा