बहाना कोई तो बनाओ सनम ।
नजर से नजर को मिलाओ सनम ॥
नयनबाण मशहूर है, एक दो ।
तीखे बाण हम पर चलाओ सनम ॥
टपकता है रस प्रेम अनुभूति से ।
रसीलें लबों को मिलाओ सनम ॥
मिलन देह से मन का जब हो चुका ।
झुठे आवरण ये हटाओ सनम ॥
अटकने न दो प्यार की बात को ।
मधुर बात आगे बढाओ सनम ॥