45 मिनट का भीड़ भरा रास्ता जब किसी को 15 मिनट में पूरे करने की स्थिति आ जाए तो दो पल ज़िंदगी में रुक कर सोचना,समझना
बहुत ज़रूरी है कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों आई..कि कहाँ कमी रह गई कि सड़क कोई खेल का मैदान नहीं होता...आपकी और दूसरे इंसानों की ज़िंदगी चलती, फिरती, दौड़ती, भागती है वहाँ...
प्रांंजल,
05/01/19,
08.55P