1
नमन है, नमन है मातृभूमि तुम को नमन है ।
तुम हमे खूब भाती हो , जननी कि तरह हमे पालती हो ।
यह जीवन तुम पर न्योछावर है, तेरे लिए हर धड़कन है ।
नमन है, नमन है मातृभूमि तुम को नमन है ।
2
बलिदान दिया तुम्हारे लिए कितनों ने , मर कर भी देश का तिरंगा ऊंचा रखा शहीदों ने।
तेरी कृपा से नाम रोशन किया तेरे सपूतों ने ।
तेरे चरणों की धूलि में भरपूर दम है ।
नमन है, नमन है मातृभूमि तुम को नमन है ।
3
कितने चहरे तुने देखें होंगे, कुछ सच्चे कुछ झूठे होंगे ।
हर एक को अपनी पनाह में रखकर तुने गले से लगाया है ।
तेरा उपकार जितना मानें, उतना कम है ।
नमन है, नमन है मातृभूमि तुम को नमन है ।
4
चारों दिशाये तेरी कितनी अदभुत है ।
हर दिशा में उस परमात्मा का विशेष स्थान मौजूद हैं ।
तेरा भंडार अखूट, तेरी शक्ति अटूट, तेरी रक्षा के लिए बढते वीर जवानों के कदम है ।
नमन है, नमन है मातृभूमि तुम को नमन है ।
5
जंगल- पशु पक्षी, तुम्हारे दर पर, नदियाँ, पहाड़, समुद्र की लहर पग-पग पर ।
पावन गुफाएं जादु करती हैं मन पर।
तेरी सुंदरता- संपन्नता देखकर हम प्रसन्न है ।
नमन है, नमन है मातृभूमि तुम को नमन है ।
6
कोई हिन्दु, कोई मुसलिम, कोई ईसाई और कोई शीख धमॅ से आया है ।
मातृभूमि तुने प्रेम से सब को अपने में समाया है ।
तेरे दर पर न कोई उच्चा, न कोई नीचा,
सब बच्चे तेरी आँखों के तारे है ।
तेरे लिए हमारे सैकडों जनम है ।
तुझ से बडा न कोई धरम है ।
नमन है , नमन है, मातृभूमि तुम को नमन है ।
प्रणाली अंजारिया