#ajdevanshi #aj #devanshi
छोटी सी ख़ुशी में खुश रहने का आदी हूँ में.
ख़ुशी कुछ यूँ है की...
सर्दी की एक सुबह में अपने बिस्तर से उठु तो,तो बालकनी के अंदर एक शख्स खड़ा हो,सर्दी की मखमली धूप उसके चेहरे को छू रही हो,और उसकी खुली जुल्फों की खुशबू पूरे कायनात में फैली हुई हो,हाथ में उसके दो कप कॉफी के,
उसकी कॉफी के घूंट-दर-घूंट की चुस्की से मेरी आंखें खुले और मैं उस बाल्कनी में पहुंचु, जब मैं बालकनी में पहुंच हूं तो मुझे मिले सर्दी की मखमली धूप,उसकी खुली जुल्फें,एक कप कॉफी और ,वह अजीज शख्स बस....