#CCSheth commerce of college
अगर मै शिक्षा मंत्री होती तो!
मेरा विचार यह है की कोई भी यदि शिक्षा मंत्री बनना चहता है तो उसे अच्छा शिक्षा शास्त्री होना चाहिए। एसी स्तिथि मे वह राष्ट्र की उचित सेवा कर सकता है।
देश का शिक्षा मंत्री बनना मेरे लिये गौरव की बात होगी।मै इसी गौरवविनंत पद की पुर्ण निस्ठा इमानदारी और लगन से अपने दायित्वों का निर्वाहन कारुगी।इसके अतिरिक्त मै शिक्षा क्षेत्र की प्रमुख समस्याओ के बारे मे और वर्तमानस्थिति के बारे मे संपूर्ण जानकारी एकत्रित करुगी। इन समस्याओ की बारे मे पुर्व मन्त्रियो द्वारा उठाए कदम एवं लिये हुए निर्णयो का अवलोकन कर उसे अमल मे करवाउगी ।
किसी भी राष्ट्र की प्रगति का अवलोकन उस राष्ट्र के शिक्षा स्तर से लगया जा सकता है। देश की शिक्षा का स्तर प्रायोगिक न होने बेरोजगारी की संख्या वृद्घि से बढ़ती जा रही है। शिक्षा का उदेश्य तब तक पुर्ण नही होता जब तक मनुष्य अपने ज्ञान का सही से उपयोग ना करे ,उसे फैलाए ना।
अंतह शिक्षा जगत मे देश के नवयुवक पुर्ण शिक्षा प्राप्त करने के साथ अपना लक्ष्य खुद निर्धारित कर सके, उसे विनमिल्या अपनी माध्यमिक शिक्षा कक्षा दसवी तक पुर्ण कर सके। नवयुवकों को अपने हायर एजुकेशन के लिये लोन एवं सब्सीडी मिल सके एसी योजना बना कर अमल मे लाउगी ।
पिछड़े हुए राज्यो मे जहा शिक्षा का अभाव है वहा मधय्मिक पाठशाला बनाकर शिक्षको का प्रबन्ध करुगी जिसे सभी को पढ्ने का मोका मिले।पढाई के साथ उपयोग मे आने वाली पुस्तको और अनेक किताबों को उन राज्यो तक पहुचाऊगी जिससे उन्हे अपनी पढ़ाई बिना किसी तकलिफ के पूरी कर सके ।इसके अतिरिक्त उन्हे मुवजा भी दिलवाउगी जिसे उन्हे प्रोत्शहन प्राप्त हो।
इसके अलवा एसे शिक्षको की भर्ती करवाउगी जो वर्तमान स्थिति और आने वाली पीढ़ी के साथ मिलकर उन्हे अपना लक्ष्य निश्चित करने मे सहायक हो,प्रेरणारुपी हो। विध्यर्थियो को उन्के सवालो का जवाब दे सके उनको मन मे रही हूए सवालो का जवाब वो खुद खोज सके इतने होसियार एवं इमानदारी जेसे गुण उनमे भर सेक।एक सच्चा शिक्षक वही होता हैं जो किताबो की कहानियॉ मे जिवन की मुस्किले पार करना सिखा दे।
इसके साथ मै शिक्षा क्षेत्र के अभ्यास क्रम मे सुधार लाउगी। एसे अभ्यास क्रम की रचना करुगी जिसमे वर्तमान पीढ़ियों को दिल चस्पी हो उसे असानी से समज सके। शिक्षा के साथ स्वच्छता, इमानदारी, संस्कार , संसकृति, विचार , आचार, आदर ,चालक,कुसल,ओर मानवता एसे गुणों का समावेश हो एसे पढ्य क्रम की रचना करुगी। सभी स्कूलो मै कंप्यूटरों और टेक्नोलाजी की अतिरिक्त कार्य हो एसी योजना बनाऊगी।
इन सब मे विकलांग,अन्ध्जं या किसी भी तरह स अपाहिज बच्चे भी अपनी पढाई पूरी कर सके एसे प्रबंध करुगी। अगर राष्ट्र का युवाधन शिक्षित होगा तो ही देश विकाश की ओर बढ़ेगा ओर बेरोजगारी, गरीबी, बाल विवाह जेसी कुरीति, जन्स्ंखया वृद्घि ओर अनेक समस्याओं से लड सकेगा।सभी को समानता का अधिकार मिलेगा। बिमारिय कम होगी। एक शिक्षित राष्ट्र होने से देश की अर्थिक स्थिति सुधरेगी।
देश को उन्नति की ओर ले जाने का एक मात्र रस्ता शिक्षा है।