मुस्कुरा रहि हे मुस्कान जीनकि मुझे खुश देखकर
दिल से दुआ आज उनके लीये है
मिलता हे सुकुन जिसे मेरे सुकुन से
दिल से दुआ आज उनके लीये है
वक्त भी रुकता हे जिनके पास मेरे लिये
दिल से दुआ आज उनके लिये है
मेरी खामोशिया भी करती हे बाते जिनसे
आज दिल से दुआ आज उनके लिये है
मायुसिया सजती है जिनकेे चहेरे पे मेरी परेसानी पर
दिल से दुआ आज उनके लिये है
- कविता पटेल