नित नवीन संभावनाओं के संग
आशा दीप जलाती हो
कर संचार ,नयी संवेदना का
कल्पित पुष्प सजाती हो
करने को स्वप्न साकार सभी
हिम्मत से बढ़ जाती हो
पग दो जिधर डोलते हैं
पथ अनेक खुल जाते हैं
क्षमा प्रेम सेवा का मतलब
, आंखों से समझा देती हो।
तुम नयी सदी की नारी हो।।
।। तारा गुप्ता।।