#LoveYouMummy
आदरणीय मम्मी ,
अपने बच्चों को तो हर माँ प्यार करती है ,भले ही वो राम हो या रावण। कंस हो या कृष्ण।
मुझे आप पर गर्व है , क्यूंकि जो भी आपके संपर्क में होता था , आप उसकी माँ बन जाती थीं।
दादा -दादीजी के जाने के बाद आपने बुआ को कभी माँ की कमी नहीं खलने दी।
पार्क का माली हो या गली का जमादार या टेलीफोन विभाग का लाइन मैन या फिर डाकिया आप में सब अपनी माँ को देखते थे।
आपके इस दुनिया के आख़िरी सफ़र पर मामाजी ने बिलखते हुए कहा था कि उन्होंने एक ही जन्म में दो बार माँ को खो दिया।
न जाने मैँ पत्र क्यों लिख रही हूँ ,जबकि जानती हूँ आप तो ऐसी दुनिया में हो जहाँ न कोई चिट्ठी पहुंचती है और न सन्देश।
भीगी पलकें लिए तुम्हारी ,
सुम्मी