बिना तुम्हारे जिक्र के,
कहा होती है दिल की हसरत पूरी,
वो इश्क़ भी जो मैंने किया,
आज भी लगती है अधूरी,
तुम चले गए ये तुम्हे लगता है,
पर मुझसे तुम्हारी कहा है दूरी,
हर बात में तुम हर मोड़ पे तुम,
तुम ही हो मेरी दुनिया पूरी,
ग़म में था जब छोड़ गए थे तुम,
पर आज जब तुम खुश हो वहा,
देखकर लगता है मेरी खुशियां भी हुई पूरी।
© Krishna Katyayan 2018