निर्मोही
निर्मम
कातिल
और न जाने क्या.... क्या...
नित नए उसके सम्बोधन मेरे लिए ...उतने ही निराले अर्थ भी,
ढाई आखर के शब्दकोश को नया आयाम देती हुई...... वो,
मानो ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी का एकमात्र संस्करण
जो बना है केवल मेरे लिये !
तमाम जिज्ञाशाओ का निवारण करती...... वो,
जैसे कोई प्रकांड ज्योतिष कर रहा हो विपरीत गृहदशाओं का निवारण !
सुनो...ये कोई अतिशयोक्ति नहीं है
हाँ ऐसी ही हो तुम ..सचमुच !! मेरे जीवन को नए अर्थ देती हुई !!...............₹