पनघट सी इन आंखो में पनिहरिन सी बैठी थी,
घट हाथों में घटा आंखो में थी।
दिल में था प्यार मेरे मन में भी प्यास सी थी,
जुबां पे था इकरार उसकी नज़रें झुकी झुकी सी थी।
राधा ने किया श्याम से हा ये ही वो प्यार था,
मुरली सी धुन थी और मोर मुकुट श्रृंगार था।
पनघट सी इन आंखो में पनिहरिन सी बैठी थी,
घट हाथों में घटा आंखो में थी।