ऐ दोस्त....???
ऐ दोस्त
चलो आज पास बैठें
बीते लम्हों के साथ बैठें
पुराने धुंधले किस्सों में नया रंग भरें
चलो आज फिर से किसी को तंग करें
उड़ती पतंगों को लूटें, ले के सरपट भागें
शक्तिमान बन के उड़ते फिरें जबतक जागें
पेंडो की सखाओं पे बंदरों के जैसे चढ़ जाए
ऐ दोस्त चल मिल के उधम मचाये
ऐ दोस्त
चलो आज पास बैठें
बीते लम्हों के साथ बैठें।।
..... Deepak.....