तुमको जों करना था तुम कर गए,
मुझे यहां छोड़कर खुद निकल गए,
आए थे साथ ही तुम,
बोला था साथ रहूंगा तुम्हारे सफर तक,
पर रास्ता दिखा कर,
ऊंगली छुड़ाकर निकल गए,
वक़्त ऐसा आ गया है,
कि मै अब अपने आप को ही भूल गया हूं,
कौन था मै,
कौन हूं मै,
सब कुछ भूल गया हूं।
© Krishna Katyayan 2018