राष्ट्रकवि ‘दिनकर’ जी की जयंती पर रिहंद में काव्यगोष्ठी
बीजपुर (23 सितंबर)। रिहंद सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के रचनाकारों की संस्था ‘रिहंद साहित्य मंच’ द्वारा कर्मचारी कल्याण संघ में रविवार को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की जयंती मनाई गई । इस अवसर पर रिहंद साहित्य मंच के रचनाकारों द्वारा स्वरचित काव्यगोष्ठी का आयोजन अभिषेक टंडन की अध्यक्षता में किया गया । कार्यक्रम के आरंभ में सांस्कृतिक सचिव मुकेश कुमार ने राष्ट्रकवि ‘दिनकर’ जी के जीवनी पर प्रकाश डाला तथा उनकी वीर रस की एक कविता भी सुनाई । काव्य गोष्ठी की शुरुआत करते हुए मुकेश कुमार ने “तेरी कथनी-करनी में अंतर बदस्तूर होता है” पर कविता सुनाई । इसके पश्चात लक्ष्मी नारायण ‘पन्ना’ ने “हर इंसान की सच्ची मुहब्बत का मैं आदी हूँ” सुनाकर इंसानियत का संदेश दिया तो रिहंद साहित्य मंच के अध्यक्ष अभिषेक टंडन ने माँ की महिमा पर “माँ की आँखें गीली थी” सुनाया तो उपाध्यक्ष कौशलेश दूबे ने “भारत के हम लाल-लाल है, समझे गहरी चाल-चाल हैं” सुनाया तो सदस्य डी एस त्रिपाठी ने “जीवन है अनमोल शांति से जीने का करो प्रयास” से जीने का तरीका सिखाया ।
महासचिव मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ने “अगर साहित्यकार मुखर हुए न होते, हम आज़ाद कभी हुए न होते” सुनाकर साहित्यकारों को स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरक बताया ।
इस अवसर पर अध्यक्ष ने लक्ष्मी नारायण ‘पन्ना’ को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित भी किया । कार्यक्रम का संचालन संस्था के सांस्कृतिक सचिव मुकेश कुमार ने किया । काव्यगोष्ठी में कर्मचारी कल्याण संघ के महासचिव कमल कांत सहित राजकुमार सिंह, ओम प्रकाश, राम चन्द्र आदि उपस्थित रहे ।
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फोटो परिचय :- काव्यगोष्ठी में उपस्थित प्रतिभागी रचनाकार ।