#Kavyotsav
बस ज्यादा कुछ खास नही
कुछ खास नही बस लगता है
अगर तू पास नही है तो जीवन उदास है
ना आस है ना प्यास है
बस उम्मीद है विश्वास है कि तू अब भी साथ है
ज्यादा कुछ खास नही
बस तेरे साथ होने का एक एहसास है
गुम हूं अंधेरे में कही उजाले का पता ही नही
फिर भी उजाले की उमीद लगाए बैठा हूं
दर्द सीने में ना जाने कितने छिपाए बैठा हूं
उमीद की अनेको किरणें लगाए बैठा हूं
बस कुछ खास नही
बेपनाह मोह्हबत की तुझसे इसलिए
किसी और के साथ कभी हो नही पाया
आंसू बहते गए उन्हें कभी रोक नही पाया
खुशी दिखती थी चेहरे पर उसे कभी समझ नही पाया
जिंदगी यू चलती गयी में तुझको भूल नही पाया
बस उम्मीद है साथ कि तू हमेसा है मेरे पास
जो बात मुझे रहने नही देती कभी उदास
बस ज्यादा कुछ खास नही
खो जाता हूं जब तेरी याद आती है
रो भी जाता जाता जब तेरी याद है
खुद को समझता भी नही पाता
तेरे होने का साथ ये एहसास मैं खुद को दिलाता
इस दिमाग और दिल को सिर्फ यही में समझाता
लेकिन विश्वास इनको भी नही हो पाता
इसलिए मैं भी हूं घबराता
कही टूट ना जाउ , चूर चूर ना हो जाउ
बस ज्यादा कुछ भी नही