# Kavyotsav
प्रेम कविता
कविता- एहसान तेरा
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नजरो से तो छ्लके है ये प्यार तेरा
होठो से कहदे तू भी मै हूं प्यार तेरा ।।
गोरी तेरे कारण खो गया चैन मेरा
तू मानेगी कब ऐसा ही है हाल तेरा ।।
घर से तेरे गुजरे रस्ता है वोही मेरा
जाते जाते देखु फुलसा चेहरा तेरा ।।
है मुझे याद दिन मेरे कैसे थे बुरे
सुधर गये हालात मिला साथ तेरा ।।
जालीम दुनिया ने तोडा है दिल मेरा
तुने ही सम्भाला इसे एहसान तेरा ।।
अब अकेला ना छोडो मुझे कभी
युही रहे आखिर तक साथ तेरा मेरा ।।
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कविता- एहसान तेरा
-अरुण वि.देशपांडे- पुणे
9850177342
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