# kavyotsav
दोस्ती की कविता
कविता- दोस्त
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अंजाने परायेसे
होकर भी वो
मन को भाते है
दोस्त बन जाते है..
प्यार के बिना
हर नाता अधुरा
हर नाता प्यारसे
दिलसे जुडता है..
दोस्त आधार
दोस्त ताकद
दोस्ती विस्वास
जिंदगीभर का...
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कविता- दोस्त
-अरुण वि. देशपांडे-पुणे
9850177342
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