#Kavyotsav
दिप
दिप, तुम हो पथ प्रदर्शक मेरे मन के,
तुम ही तो हो, रक्षक मेरे तन के..!
दिप, तुम हो मार्गदर्शक इस उपवन के,
तुम ही तो हो, शासक इस जीवन के..!!
दिप, तुम हो भाग्य विधाता इस चितवन के,
तुम ही तो हो, नायक अन्तर्मन के..!
दिप, तुम हो शाश्वत सत्य सबरे जगत के,
तुम ही तो हो, शिव, शंकर सगले भगत के..!!