#mera krishna
*************
मेरे लिए मेरा सर्वस्व मेरा कृष्णा है ! इस मिथ्य जीवन में केवल एक सत्य, अंधकार में जगमगाता दीपक, निराशा के बादलों में आशा का चमकता चन्द्र, एक नई भोर लेकर आने वाला अरुण, विस्तृत अम्बर, महकती धरा, पत्ते, पुष्प, कलियाँ, कांटें, जड़, मृदा, पाषाण, हर कण कण में वह ही तो विद्यमान है ! झूठे जगत में एक सच्चा मीत, सच्चा रहबर, संकटहारी, आदि, अंत, निश्छल, करुणामयी, उदार हृदय, सर्वव्यापक है गोपाला! यह जीवन, मृत्यु, श्वास, धड़कन, सब कान्हा से ही है ! इस पंक रूपी जगत में खिलता कमल हो तुम मेरे कान्हा !
जय श्री कृष्णा !!
डॉ सोनिया / स्वरचित २.९.१८.