#MERAKRISHNA
जब भी निराशा के क्षण जीवन में आते है, कृष्ण पथ प्रदर्शक बन खड़े हो जाते हैं।
ईश्वर रूप में जन्म लेने के पश्चात भी कृष्ण को कितना संघर्ष करना पड़ा था।
जन्म लेते ही माता पिता से बिछुड़ना। राज घराने में जन्म लेकर भी साधारण जीवन ।
ग्वाल बालों को माखन बाँटा स्वयं माखन चोर कहलाये।
राधा संग प्रेम , विवाह रुक्मणी से हुआ। .
मणि चुराने का झूठा कलंक लगा।
गांधारी के श्राप से वंश सपाप्त हो गया फिर भी बंसी बजाकर दूसरों का दुख हरते रहे।
गीता उपदेश में तो जीवन का सार ही समाया है। कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।