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आर्कषण का प्यार मे..और प्यार का मोहब्बत बनना..क्या इस बदलाव को देखा है? मैने भी नही देख। पर क्या इसे महसूस किया है..? मै कर रही हूं !
मै अपने आर्कषण को मोहब्बत मु बदलते हुए महसूस कर रही हो। मै स्वय मे परिवर्तन देख रही हूं। कहा मे अल्हड सी नहर और कहा अब शर्माई सी ..चंचल नदी बन रही हूं ।
सोचते सोचते चारू ने पेज पलट दिया। वो.इस समय अमर.के घर मे थी। रात हो चुकी थी जिस कारण अनावी ने उसे आज यही रोक लिया था। वो हॉल मे.बोठी पढ रही थी और राघव उसकी गोद मे सो.रहा था। इस एक हफ्ते मे अच्छा दोस्ती हो गई थी दोनो की ।
तभी अमर आया और आकर के चारू के सामने खडा हो गया। चारू ने सर उठाकर उसकी तरफ देखा।
" आओ चलो खाना खा लो । भाभी बुला रही है। ", अमर ने शांती से कहा।
चारू ने हां न सर हिला दिया। अमर दौ मिनट रूका फिर उहकी तरफ झुक गया। चारू की तो मानो सांस गले मे ही अटक गई थी। होठ हल्के से खोले वो अमर को देख रही थी। अमर जरा सा और पास आ गया।
" सर.."
चारू ने हल्की आवाज मे कहा। अमर कुछ नही बोला और बस झुकता चला गया। चारू ने अपनी नजरे किताबो पर टिका ली। उसे अमर के शरीर से उठती गर्मी साफ महसूस हो.रही थी। उसका चेहरा सुर्ख होने लगा। और कान गर्म हो गए।
अमर बडा और राघव को चारू की गोद से उठा लिया। इस बीच अमर के कंधे चारू के कंधो से छू कर गूजर गए।
" ये लडकी अगर एक इंसान को पसंद कर ले तो छोडता नही है। " अमर नु राघव को आंखे दिखा दी तो वो सोता हुआ बच्चा नींद मे ही कुलमुलाने लगा। अमर ने ना मे सर हिला दिया।
अमर के जाते ही चारू ने गहरी सांस छोडी।
ये सर भी पुरी दुनिया पलट जाते है मेरी !
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दोपहर का समय था। युनिव्रसिटि बास्केटबॉल ग्राउंड पर यूनिवर्सिटी टिम प्रेक्टिस कर रही थी। नैना , अमोघ , शशांक बलीचर पर बैठे...चारू की प्रेक्टिस देख रहे थे। अमोघ ने काली अंडरशर्ट और उसपर हाफ स्लीव टी शर्ट पहनी थी। पैरो मे पेंट और फिल्ड के जुते । वो नैना की बगल मु बैठा सुस्ता रहा था। उसकी गर्दन से पसीना बहकर अंडरशर्ट के अंदर खो रहा था।
नैना ने गर्दन घुमाकर उसे देखा। उसकी गर्दन पर चमकती पसीने की बूंदे मोती सी चमक रही थी। नैना का गला सुनने लगा और कान लाल हो गए। उसने जैसे ही चेहरा फेरना चाहा अमोघ ने अपना हाथ उसके पीछे बेंच पर टिका दिया और गर्दन नैना की तरफ झुका तिरछी निगाह से देखने लगा।
" यू वर स्टेयरिंग । " , अमोघ ने गहरी आवाज मे कहा।
नैना सकपका गई। उसने एक बार अमोघ की हल्की भूरी आंखो मे देखा जो धूप मे चमक रही थी। और अगले ही पल चेहरा फिल्ड पर कर लिया। अमोघ हँसने लगा। उसकी हँसी सीने से होते हुए नैना के अंदर तरंगे उत्पन्न कर रही थी।
" अमोघ स्टॉप ! " , वो चिढ कर बोली।
अमोघ उहकी तरफ झुक गया। " आई डिड नथिंग । ",
नैना ने अपने गर्म होते कान मसलने शुरू कर दिए। उसने एक नजर अमोघ को घूरा फिर सामने देखने लगी।
उसकी आंखे अचानक से बडी हो गई। उसके चेहरे के भाव बदलते देख अमोघ ने भी मैच पल ध्यान दिया। वो एक झटके मे खडा हो गया।
" दिस इज फाउल । ", वो चिल्लाया।
सामने चारू बॉल लिए खडी थी और तीन प्लेयर्स ने उसे घेर रखा था। एक ने अपने हाथो से उसकी कमर के इर्द-गिर्द फसा कर चारू को लॉक कर दिया था। और ये गेम के रूल्स के खिलाफ था।
अमोघ की आवाज सुनकर प्लेयर पीछे हच गया। एक बार फ्री होने पर चारू उस प्लेयर को घूरने लगी ।
" सॉरी ! " , दूसरा प्लेयर बोला।
" अगर ऑफिशियल मैच मे ऐसा किया तो गेम से बाहर हो जाओगे। रूल्स पर ध्यान दो। " ", चारू स्ट्रिक्टलि बोली।
प्लेयर ने हां मे सर हिला दिया।
चारू मुडी और अपनी एक हथेली के नीचे उंगलिया लगा साईन बनाकर गेम एंड कर बलिचर की तरफ आ गई। उसके बाल बंधे थे पर प्रेक्टिस के कारण कई लिए उसके चेहरे को चूम रही थी। वो.पसीने से सनी जैसे ही आई नैना ने उसे पानी की बोटल पकडा दी। चारू ने पानी अपनी अंजुली मे लिया और मुंह पर छींटे मरने लगी।
" वो तुझे जानबूझकर लॉक कर रहा था " , शशांक गंभीर होकर बोला। चारू नु उसकी तरफ देखा तो शशांक ने दोबारा कहा , " मैने देखा था। ही.वाज ट्राईंग टू इंजर्ड यू । "
चारू के माथे पर बल पड गए।
" क्यो ? "
" क्योकि तुम स्पोर्ट्स कैप्टन प्लस बास्केट बॉल गर्लस् टीम की कैप्टन हो । एज सिंपल एज दैट । " नव्या वहा आते हुए बोली।
चारू ने ना मे गर्दन हिला दी। वो एकदम से हँस दी।
" चीप टैकटिस। खूद मे पोटेशियल नही तो दूसरे को नीचा खींचना शुरू कर दो..यही आता है लुजर्स को। ", चारू सर्द लहजे मे बोली।
क्रमशः