My Dear Professor - 6 in Hindi Love Stories by Vartikareena books and stories PDF | माई डियर प्रोफेसर - भाग 6

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माई डियर प्रोफेसर - भाग 6















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पुरे डिपार्टमेंट मे अनाउंस करने के बाद मै वापस अपनी क्लास मे आ गई । मै नैना के पास आकर बैठ गई।  मैने उसे देखा तो पाया की वो कुछ बडे ध्यान से पढ़ रही है । मैने उसका बुक पर नजर डाली तो वो एनशियंट आर्किटेक्चर ऑफ इंडिया के बारे मे पढ़ रहा थी । मै मुस्कुरा दी । मै थोडा उसकी तरफ खिसकी और बोली , " तुम कुछ ज्यादा ही सीरियस ले रही हो कॉम्पिटिशन को ! " 


नैना बिना मेरी तरफ देखे जवाब दिया , " हम्म..लेकिन इक्जाम भी आ रहे है तो दोनो मे ही लाभ है हमारा । क्योकि सेम ही सिलेबस है इक्जाम का भी । " 


इतना कहते कहते नैना ने अपने बालो मे पेसिंल घुमाते हुए उनका जुडा बना लिया । कुछ लटें उसके चेहरे पर गिरने लगी । मैने उसे देखा और बस देखती रह गई।  वो लट उसके गालों को चूम रही थी । मै मुस्कुराई और साईड से उसे गले लगा लिया । 


नैना चौंक गई और उसने मेरी तरफ हैरानी से देखा । 

" क्या हुआ? " 

" तुम बहुत सुंदर लग रही हो ! " 

" अच्छा ! " 


इतना कहकर नैना एक बार फिर पढने लगी । और मैने उसके कंधे पर सर रख आंखे बंद कर ली । नैना मेरी सबसे अच्छी दोस्त थी । वो एक मां की तरह मेरा ध्यान रखती थी और मै ! मै एक नन्हे शावक की तरह उस से लिपटी रहती थी । अधिकतर लोग हमे देख बाते तक बनाने लगते थे । लेकिन इससे हमे कहा कोई अंतर पडना था । 


मै अभी आंखे बंद कर अभी बैठी ही थी की मेरे सर पर कुछ आकर लगा । मै चौंक कर उठ गई।  मैने आसपास देखा तो बेंच पर मार्कर की कैप पडी थी । मैने उसे उठाकर देखा फिर इधर उधर देखा तो मेरी नजर एक लडके पर आकर रूक गई । वो मेरी तरफ ही आ रहा था और उसकी उंगलियो मे मार्कर घूम रहा था । वही मार्कर जिसकी कैप मेरे हाथ मे थी । उसे देख मेरी आंखे सख्त हो गई।  


वो चलते हुए मेरे पास आया और उसने टेबल पर अपने दोनो हाथ रख दिए और मेरी तरफ देखने लगा । 



" क्या चाहिए तुम्हे अमोघ? ", मै सख्त लहजे मे बोली । 

" तुम मेरी नैना के इतने करीब क्यो बैठी हो ? ", वो लडका यानी अमोघ बोला । 


उसकी बात सुनकर मेरा दिमाग ठनक गया । ' मेरी नैना ' ऐसे कैसे वो नैना को मेरी नैना कह सकता है । है कौन ये ! और मै अपनी ही दोस्त के पास ना बैठुं ...कौन है ये मुझे बताने वाला ! 


मै भडक कर कुछ बोलने ही वाली थी कि नैना मेली बगल से उठी और उसने अमोघ के सीने पर हाथ रख उसे पीछे धकेल दिया । मेरी आंखे हैरानी से बडी हो गई।  मैने झटके से नैना को देखा तो वो बिल्कुल शांत खडी थी । 


" तुम हो....कौन ?  कौन हो तुम ये तय करने वाले कि कौन मेरे करिब रहा और कौन नही ! ", नैना ठंडे लहजे मे बोली । 


अमोघ ने सीधा नैना कि आंखो मे देखा , " तुम मेरी हो ! यू आर माइन एंड आई केन नॉट सी अनीवन नियर यू । " 


नैना के जबसे कस गए और वो अमोघ कि तरफ बडी और उसके बिल्कुल पास आकर खडी हो गई।  मै आंखे फकडे उन दोनो को देख रही थी और यही हाल था पुरी क्लास का । 


" मुझसे दूर रहो अमोघ राजवंशी ! ", नैना अपना गुस्सा जप्त करती हुई बोली । उसका बस चलता तो इस समय अमोघ का सर फोड देती लेकिन वो ऐसा कर नही सकती थी । 


" नेवर ! आई एम अबस्सेड विद यू नैना एंड आइ कांट हैंडल लिटिल बिट डिस्टेंस फ्राम यू । ", अमोघ अपना चेहरा नैना के चेहरे के करीब लाकर बोला । 


नैना ने कसकर अपनी आंखे बंद कर ली और अपना बैग उठाकर क्लास से निकल गई।  मै जल्दी अपना बैग लेकर नैना के पीछे चली गई।  



अभी मै नैना को अकेले नही छोड सकती थी । चाहे वो.मुझे इस समय अपने पास बर्दास्त कर पाए या नही ! 




क्रमशः 


इस भाग मे इतना ही मिलते है अगले भाग के साथ ।