My Dear Professor - 7 in Hindi Love Stories by Vartikareena books and stories PDF | माई डियर प्रोफेसर - भाग 7

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माई डियर प्रोफेसर - भाग 7

























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नैना कॉरिडोर मे चली जा रही थी जब कली से एक हाथ आया और उसने नैना को अपनी तरफ खींच लिया । नैना झटके से एक सीने से टकरा गई।  उसने हडबडाकर देखा तो उसकी आंखे गुस्से से धहकने लगी । वो खुद को छुडाने की कोशिश करने लगी । 


" छोडो मुझे अमोघ राजवंशी ! ", नैना अमोघ की बाहो मे झटपटाते हुए बोली । 

" आपको छोडना मेरे बस मे नही नैना ! " , अमोघ नैना कि कमर कसकर पकडते हुए बोला । 

नैना घृणा से उसे देख रही थी । वो झल्ला कर बोली , " क्यो पीछे पडे हो मेरे! क्या बिगाडा है मैने तुम्हारा ? अमोघ प्लीज छोड दो मुझे और जाने दो । सब देख रहे है ! " 


नैना ने कहा और अब आसपास देखा जहा पर स्टूडेंट्स इकठ्ठा हो गए थे और चुपचाप तमाशा देख रहे थे । किसी मे हिम्मत नही थी कि जाकर नैना की मदद करे । 



ये सब अभी चल ही रहा था की चारू वहा पर नैना को ढूंढते हुए आ गई।  नैना को इस तरह देख उसका खून खोलने लगा लेकिन वो उसके लिए कुछ नही कर सकती थी क्योकि नैना ने खुदने चारूको  इन सब मे पडने से अपनी कसम देकर रोका था । वो बस लाचारी से कभी नैना को देखती तो कभी इस भीड को जो चारू की ही तरह या तो मजबूर थी या जिन्हे बस तमाशे से मतलब था । 


चारू आगे बडी और उसने जाकर झटके से नैना की बांह पकड उसे पीछे खींच लिया । अमोघ इसके लिए तैयार नही था नैना उसकी पकड से आजाद हो गई। लेकिन छूटते छूटते ही अमोघ ने नैना की हथेली पकड ली और वो चारू को घूरने लगा । 



" तुम फिर से हमारे बीच मे पडने की गलती नही करना चाहोगी चारू ! याद है ना लास्ट टाइम जब तुमने इंटरफेयर किया था तो क्या हुआ था । ", अमोघ चारू को धमकाते हुए बोला ।


चारू आगे बडी और उसने अमोघ के उस हाथ को देखा जिसने नैना की कलाई कसकर थाम रखी थी । फिर उसने अमोघ को देखा और ठंडी आवाज मे बोली , "बिहेव राजवंशी 'ज ब्रदर !आई एम योर सिनियर । और तुम नैना को उसकी मर्जी के खिलाफ टच नही कर सकते । लीव हर हैंड! " 



लास्ट मे चारू की आवाज तेज हो गई थी । अमोघ ने अपनी आंखे सिकोडी और झटके से नैना को अपनी तरफ खींचा और उसके कंधे पकड कर चारू को घूरने लगा । 



" शी इज माइन ! भले ही मै उसे टच नही कर सकता पर वो बस मेरी है । आई लव हर ! " , अमोघ लापरवाही से बोला । 


" पर क्या नैना तुमसे प्यार करती है अमोघ ? ", पीछे से एक आवाज आई । सबने आवाज की दिशा मे देखा तो नव्या खडी थी । वो अपनी पैंट की जेब मे हाथ डाले खडी थी और उसकी नजर अमोघ पर थी । 


" वॉट डू यू मीन नव्या ? ", अमोघ ने सवाल किया । 

" यही की एक लडकी का रास्ता रोकना , उसे उसकी मर्जी के बीना टच करना और बाद मे उसकी फ्रेंड को धमकाने के जुर्म मे तुम्हे जेल भेजा जा सकता है अमोघ । और ये मै जरूर करूंगी ! आई वील लव इट ! आखिर पापा को पता होना चाहिए की उनका लडका कर क्या रहा है । ", नैना आकर चारू की बगल मे खडी हो गई और अमोघ को देख कर मुस्कुरा दी । उसने नैना के कंधे पर रखे अमोघ के हाथ को हटाया और आराम से नैना को अपनी तरफ कर लिया । अमोघ बस कुड़ कर नव्या को देखता रहा । 


" अमोघ अब अगर तुम नैना से दूर नही रहोगे तो तुम्हारी इन हरकतों के बारे मे मै पापा को जरूर बताउंगी । फिर हमारे प्यारे संस्कारो को प्यार करने वाले पापा तुम्हारी ये रोड साइड आवारा गुंडे वाली हरकत पर क्या रिएक्शन देंगे वो.मै नही जानती...! ", नव्या ने लापरवाही से कहा । 



अमोघ बस नव्या को देखता रहा और वहा से चला गया । उसके जाते ली नव्या नैना की तरफ मुडी । 


" तुम उसे एक पंच मार सकती थी । क्यो नही मारा ? जस्ट बिकॉज वो रॉयल फैमली से बिलॉंग करता है ! ", नव्या ने सवाल किया । 


" रॉयल फैमली से तो तुम भी हो ! तुम क्यो उसे कुछ नही कहती । बस राजा साहब के नाम पर डराती रहती हो । ", नैना ने व्यंग्य भरी मुस्कान के साथ कहा । 


" वो मेघराज की सबसे पावर फुल फैमली का प्रिंस है पर..." , बोलते बोलते नव्या चुप हो गई।  


उसे चुप देख नैना हल्के से हँस दी । वो वहां से जाने ही.लगी थी कि चारू ने उसका हाथ पकड लिया । 


" अभी नही चारू ! जाने दे ! ", नैना बिना पलटे परेशानी सु बोली । 

" नही रोक रही तुझे पर बस एक बार मेरी बात सुनकर ले । ", चारू प्लीडिंग वे बोली । 

" क्या ? ", नैना पलटी । 

" अगर तुम अमोघ से पीछा छुडाना चाहती हो तो उसके लिए एक पालन है मेरे पास । लेकिन यहां नही ! कैंटीन मे! " 


चारू ने कहा तो नैना ने अनमने ढंग से हां मे सर हिला दिया । इसके बाद चारू ने नव्या को देखा जो बिना किसी भाव के वहां पर खडी थी । चारू को अपनी तरफ देखता पाकर उसने अपनी एक भवं उठा दी । उसका एक्सप्रेशन समझते हुए चारू बोली , " तुम्हारी नीड लगेगी ! " 

" क्यो ? ", नव्या ने सवाल किया । 

" क्योकि तुम राजवंशी हो और अमोघ की बहन हो । " 

" आइ एम सर स्टेप सिस्टर ! " 

" बट यू आर रॉयल ! यू हेव पावर ! " 

" मतलब तुम मुझे एज आ शील्ड यूज करना चाहती हो ! " 

" यैस ! " 


चारू के कहते ही नव्या ने सर हिलाया और थम जब का साइन दिखा दिया । इसका मतलब था वो चारू के साथ है । 








अगले पंद्रह मिनट बाद वो सभी कैंटीन मे बैठे थे । उनकी टेबल पर तीन कप चाय के और समोसे रखे थे । नैना और नव्या , दोनो लगातार चारू को देखे जा रही थी । जो अपने साइड मे बैठे शशांक को देख रही थी जो समोसे खा रहा था । उसे ऐसे देख नव्या चिढ कर बोली , " तुम यहा क्या कर रहे हो ? " 


" वेल आई वांट टू बी द पार्ट ऑफ योर प्लान ! ", शशांक ने समोसे की बाईट लेते हुए कहा । 

" और ऐसा क्यो ? शशांक चौहान ! राजकुमार शशांक चौहान  हमारे प्लान का पार्ट क्यो बनना चाहते है ? " , नव्या ने आंखे सिकोड़कर सवाल किया । 



उसका सवाल सुनकर शशांक मुस्कुरा दिया । 





क्रमशः 


मैने स्टोरी पढी और मुझे लगा कहानी को थर्ड पर्सन के वियू से लिखना ज्यादा बैटर है । जब चारू कि फिलींग्स कि बात होगा तब हम फर्स्ट पर्सन मे कहानी बताएंगे।