कृपया इस कविता का उपयुक्त शीर्षक कमेंट करके बताएं।🙏 मैं इसका उपयुक्त शीर्षक लिखने में असमर्थ हूं।🙏
तुम लगे रहो हमें गिराने की कोशिश में,
एक दिन हमारा भी वक्त आएगा।
तुम लगे रहो हमारा मजाक बनाने की कोशिश में, एक दिन तुम्हारा भी हिसाब हो जाएगा।
तुम लगे रहो मुझे रुलाने की कोशिश में,
एक दिन मैं तुम्हें रुला जाऊंगा।
तुम लगे रहो मुझे बदनाम करने की कोशिश में,
मैं अपने हुनर को निखारता जाऊंगा।
तुम लगे रहो दूसरों का मजाक बनाने की कोशिश में, एक वक्त मैं तुम्हारा मजाक बन जाऊंगा।
तुम रहो दूसरों की खिल्ली उड़ाने की कोशिश में,
एक दिन किस्मत तुम्हारा खिल्ली उड़ा जाएगा।
तुम लगे रहो दूसरों से मेरा मजाक बनवाने की कोशिश में,
एक दिन किस्मत तुम्हारा मजाक बनाएगा।
एक दिन किस्मत भी ऐसा खेल-खेल जाएगा,
उस दिन तुम्हारा भी हिसाब कर जाएगा।
वह कहते हैं ना :-
जितना सोना जलता है, उतना ही वह निकलता है।
जितना लोहे को मार पड़े, उतना ही वह चमकता है।
समय का चक्र जब चलता है, तो राजा रंग बन जाता है।
किस्मत का पहिया जब घूमता है, तो हर लब्स का हिसाब कर जाता है ।
- Ashu Ashu