वो दोस्त
दोस्ती का मतलब सिर्फ हँसी नहीं होता,
कभी-कभी वो एक कंधा भी होता है...
जहाँ बिना बोले आँसू रुक जाते हैं।
वो जो कहता था "टेंशन मत ले, मैं हूँ ना"
आज उसी के नंबर पर "Last Seen" देखकर
दिल भर आता है।
स्कूल की बेंच, कॉलेज की कैंटीन,
आधी रात के फोन, और "भाई रुक" वाली बातें...
सब था।
बस "हम" नहीं रहे।
सबसे ज्यादा दर्द तब होता है,
जब अपना वाला पराया हो जाए।
ना लड़ाई, ना गलती...
बस वक्त ने अपनी "ईंट" खींच ली।
आज भी भीड़ में कोई उसका नाम ले ले,
तो सीने में अजीब सी टीस उठती है।
सोचता हूँ फोन कर लूँ...
फिर याद आता है - "अब वो अपना नहीं रहा"
दोस्ती टूटती नहीं है यार,
बस धीरे-धीरे सांस लेना बंद कर देती है।
और हम...
पुरानी चैट पढ़कर सो जाते हैं।