Hindi Quote in Blog by Vijay Pratap Shahi

Blog quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

गाँव :-
#गाँव की #कहानी दरअसल #समय के उस पुल की तरह है जिसके एक छोर पर कच्ची पगडंडियाँ हैं और दूसरे छोर पर बदलती #आधुनिकता की पदचाप। अतीत का वह गाँव जहाँ शाम होते ही ढिबरी की मद्धम #रोशनी में बच्चे पहाड़े याद करते थे और जहाँ पूरा गाँव एक ही कुएं के ठंडे पानी से अपनी #प्यास बुझाता था, आज वह यादों के झरोखे से निकलकर एक नई शक्ल अख्तियार कर चुका है। पहले जहाँ सूचनाओं का माध्यम केवल डाकिए का थैला हुआ करता था और अपनों की खबर पाने के लिए हफ़्तों इंतज़ार करना पड़ता था, आज उसी गाँव की #चौपाल पर बैठे बुजुर्ग के हाथ में #स्मार्टफोन है जो वीडियो कॉल के जरिए सात #समंदर पार बैठे अपने पोते से सीधे जुड़ा हुआ है। यह #अतीत और #वर्तमान का वह संगम है जहाँ बैलगाड़ियों की जगह ट्रैक्टरों ने ले ली है और खपरैल के छप्पर अब #कंक्रीट की छतों में तब्दील हो गए हैं।
​अतीत के उस दौर में #खेती सिर्फ एक #व्यवसाय नहीं बल्कि #जीवन जीने की एक पद्धति थी, जहाँ हल की मुठिया थामे #किसान बादलों की गड़गड़ाहट सुनकर खुश हो जाता था। आज वर्तमान के दौर में खेती में आधुनिक तकनीक और मशीनों का प्रवेश हो गया है, जिससे #मेहनत भले ही कम हुई हो, लेकिन वह सामुदायिक #श्रम की मिठास कहीं ओझल सी होने लगी है। पहले #फसल कटने पर पूरा गाँव एक-दूसरे की मदद के लिए उमड़ पड़ता था, जबकि आज #हार्वेस्टर मशीनों के शोर में वह आपसी मेल-जोल थोड़ा सिमट गया है। फिर भी, बदलाव के इस झंझावात में गाँव की #आत्मा ने खुद को बचाए रखा है। आज भी जब #शहर की भागदौड़ से थककर कोई #युवा अपने पैतृक घर लौटता है, तो उसे वही पुरानी #नीम की #छाँव मिलती है जो कल भी वैसी ही #शीतल थी और आज भी वैसी ही है।
​वर्तमान का गाँव अब शिक्षा और सुविधाओं की ओर कदम बढ़ा रहा है; जहाँ पहले #बेटियाँ सिर्फ चौके-चूल्हे तक सीमित थीं, वहीं आज वे गाँव की पक्की सड़कों पर #साइकिल दौड़ाकर स्कूल जा रही हैं और देश के #भविष्य की इबारत लिख रही हैं। पहले जो बीमारियाँ #अभिशाप मानी जाती थीं, अब उनके लिए गाँव में ही छोटे #अस्पताल मौजूद हैं । जहाँ अंधेरी गलियों की जगह #बिजली से जगमगाती गलियों ने ले ली है । अतीत की वह #मासूमियत और वर्तमान की यह सुगमता मिलकर एक ऐसे 'नए गाँव' का #निर्माण कर रही हैं जहाँ जड़ें पुरानी हैं लेकिन टहनियाँ नए #आसमान को छूने की हसरत रखती हैं। यह सफर बदलाव का है, प्रगति का है, पर सबसे बढ़कर यह उस निरंतरता का है जो हमें याद दिलाती है कि हम चाहे कितनी भी ऊँची इमारतें खड़ी कर लें, हमारा सुकून आज भी उसी मिट्टी की सोंधी महक में बसा है जिसे हम 'गाँव' कहते हैं ।

@ डाॅ.विजय प्रताप शाही

Hindi Blog by Vijay Pratap Shahi : 112031053
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now