मारा प्रेमनो अहेसास
ज्यारे पवन तारा चेहराने अडके,
ने आभथी चोमासूँ हेते वरसे,
तूँ एकलो वरसादमाँ भींजातो होय,
हूँ छतरी लैने तारी पासे दोडी आवीश।
एकाद टीपाँ चेहरा पर रहेवा देजे,
एमाँ पण प्रेमनी मीठो अहेशास हशे।
मारी साथे चालतो दरेक रस्तो,
जीवनभरनी सुंदर याद बनी रहशे।
एक ज छतरी नीचे ज्यारे मलीशूँ,
वरसादने पण हसताँ हसताँ जीवी लैशूँ।
तूँ काईं न बोले, आँखो बद्धूँ कही देशे,
मौन पण प्रेमनूँ गीत बनी रहशे।
भीना रास्ताओ पर पगला पड़शे,
यादोना फूल त्याँ खिलताँ रहशे।
समय भले केटली झडपे पसार थाय,
आ पळो हमेशा हૈયामाँ जीवती रहशे।
ज्यारे दिवस तने थोड़ो थकवी नाखे,
के कोई वात मनने चूप करी नाखे,
हूँ शब्दो वगर तारी बाजुए रहीश,
एक स्मितथी तारो बद्धो भार हलको करी दईश।