खामोशियाँ और स्वरा की यादे 💗
अब किसी बात पर दिल मचलता नहीं,
वक्त थमा सा है, पर हाथ मलता नहीं।
कोई आए, कोई जाए, अब फर्क क्या भला,
यह वो रास्ता है जहां कोई कारवां चलता नहीं।
ना उसके दूर जाने का अब कोई मलाल है,
ना वापस आएगी वो, अब ये ख्याल है।
बस एक धुंधली सी मुस्कान रह गई है लबों पर,
न कोई शिकवा है बाकी, न कोई सवाल है।
- अविनाश