नहीं खत्म हुआ अभी मासूमियत का दौर
अब भी थामें हुए हैं, लोग इंसानियत की डोर
सबने खूब आगे बढ़ मदद का हाथ बढ़ाया
हम अजनबियों को तपती धूप में घरों में बैठाया
उनका एक गिलास ठंडा पानी था अमृत समान
इन कुछ ही दिनों में उनसे जुड़ गए दिल के तार
इस जनगणना ने समाज के कई रूप दिखलाए
अच्छे इंसान मिले ज्यादा, बुरे कम नजर आए।।
सरोज प्रजापति ✍🏻
- Saroj Prajapati