कभी भी किसी भी
इंसान को समझाया नहीं जा सकता,
क्योंकि समझाने के बाद भी, इंसान वही करता है जो उन्हें करना होता है...
इंसान कि फितरत मायने रखती है, गर सामनेवाला समझदार हो, ओर उसमें वो भाव वो लगाव होगा जो आपमें है, तो वो आपको महसूस करेगा, आप की बातों को समझेगा, ओर अपने आप में सुधार लायेगा जिस से आपका दिल ना दुखें,
लेकिन बबुल के पेड़ से आम कि उम्मीद नहीं लगाईं जा सकती
वो अपना स्वभाव कभी नहीं बदलेगा, और दुखी आप होंगे...
बेहतर है जो जेसा है उसे स्वीकार कर लीजिए,
या छोड़ दीजिए...
जीवन सरल हो जायेगा...
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