कभी-कभी ज़िंदगी में
कुछ रिश्ते नाम के मोहताज़ नहीं होते,
ना कोई वादा, ना कोई हक…
फिर भी दिल उन्हें अपना मान बैठता है।
बातें भले ही कम हों,
पर खामोशियों में उनका शोर बहुत होता है…
एक मैसेज, एक कॉल,
या बस उनका नाम स्क्रीन पर दिख जाए—
और दिल… जैसे थोड़ी देर के लिए जी उठता है।
अजीब है ना…
जिसे पा नहीं सकते,
उसी के लिए सबसे सच्ची दुआ निकलती है।
क्योंकि ये मोहब्बत पाने की नहीं होती…
ये तो बस चाहने की होती है—
बिना शर्त, बिना उम्मीद, बिना किसी मंज़िल के।
शायद इसी को कहते हैं…
"खुद से ज्यादा किसी और की खुशी में सुकून ढूंढ लेना।"
और सच कहूँ—
ऐसी मोहब्बत अधूरी जरूर होती है,
पर झूठी कभी नहीं होती… 💔✨
@beyond_word✍️