"आजकल यह सवाल हर किसी के मन में उठता है कि लड़के बेवफा होते हैं या लड़कियां? असल में सच्चाई क्या है, यह कोई नहीं जानता, क्योंकि सब एक-दूसरे पर दोष मढ़ने में लगे हैं। कोई भी जड़ तक जाकर असलियत जानने की कोशिश नहीं कर रहा।
मैंने बहुत से लोगों से मुलाकात की और उनकी बातों को समझने का प्रयास किया। समाज में भी यह साफ दिख रहा है कि शादी के कुछ ही सालों बाद विवाद शुरू हो जाते हैं और बात कोर्ट-कचहरी या मुकदमों तक पहुँच जाती है। लेकिन इसके पीछे के असली राज को जानने की कोशिश कोई नहीं करता कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?
आजकल के बच्चे महज 14-15 साल की उम्र में ही रिश्तों (Relationships) में पड़ जाते हैं और शारीरिक संबंध तक बना लेते हैं। इस कच्ची उम्र में वे केवल चेहरे के आकर्षण को ही सच्चा प्यार समझ बैठते हैं। साथ ही, छोटे बच्चे सोशल मीडिया पर अश्लील विज्ञापन और वीडियो देखते हैं, जिससे उनके मन में समय से पहले ही कामुक भावनाएं और प्रेम-प्रसंग के विचार उत्पन्न होने लगते हैं।
हमें इन गंभीर विषयों पर ध्यान देना चाहिए। जो चेहरा कल तक हमेशा हँसता-मुस्कुराता रहता था, आखिर उस पर इतनी निराशा और उदासी कैसे आ गई? हमें दोष देने के बजाय सुधार की दिशा में सोचना होगा।"