एक लड़का था बहुत होशियार।
कक्षा में आता रहा अव्वल हर बार। मां बाप भी गरीब थे,
पर उनके सपने बड़े होने लगे।
बेटा ऑफिसर बनेगा सोचकर मन ही मन खुश होने लगे।
बेटे ने खूब पढ़ाई की और परीक्षा भी कर ली पास। घर में खुशियां आईं, मिठाई भी बांट ली।
लगा पूरी हो गई आस।
तभी अचानक पता चला पुलिस वेरीफिकेशन में एक पेच फंस गया है। एक झगड़े की एफआईआर में उसका भी नाम दिख गया है।
जो पुलिस के रजिस्टर में अब तक जिंदा था,
आज मां बाप की नजरों में वो लड़का शर्मिंदा था।
दोष कुछ नहीं था, मगर संगत की कीमत तो चुकानी थी।
ये सिर्फ उसकी नहीं,
बहुत से लोगों की कहानी थी। जो हमारे दोस्त होते हैं,
वो हमारे भविष्य को प्रभावित करते हैं।
ऐसे लड़के जिनके दोस्त अच्छे नहीं हैं, नशेड़ी हैं,
नशा करते हैं,
रातों में घूमते हैं,
आपराधिक प्रवृत्तियों में लिप्त होते हैं, उनके साथ अक्सर केसों में आपका भी नाम जुड़ जाता है।
ऐसी परिस्थिति में आप सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य हो जाते हैं।
तो यदि आप पढ़ने लिखने में बहुत होशियार हैं,
लेकिन आपके दोस्त नशेड़ी हैं,
नशा करते हैं,
तो सावधान हो जाइए।
कहीं आपके किए कराए पर आपके दोस्त पानी न फेर दें।
सावधान रहें, सतर्क रहें। मेरी शुभकामनाएं।