अभी अभी सुना गया है की
सुनीता विलियम्सजी इंटरनेशनल स्पेस में फँस गये थे
उनकी स्पेस विजिट हफ़्ते से दस दिन तक की ही तय हुई थी
टेकनीकल ख़राबी की वजह से उन्हें वापस लाने में नासा को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था
और तब
नासा ने इलोन मस्क को मदद करने के लिए कहा
क्योंकि इलोन मस्क के पास २०-२२ साल पुरानी कंपनी थी जो की स्पेस में जा कर वो टेक्निकल ख़राबी दूर कर के एक नये सिलिंडर में सुनीता विलियम्स को वापस ला सकता था… तो उसने ये कर दिखाया…
मगर,
देखने वाली बात ये है की २०-२२ साल पहेले जब इलोन मस्कने स्पेस-X बनाने की बात जब नासा से कही थी तब यही नासा ने जो आज मदद माँग रहा है, उस वक़्त इलोन मस्क से कहा था की एक प्राइवेट स्पेस कंपनी चलाना कोई मज़ाक़ नहीं है, तुम इसे सम्भाल नहीं पाओगे…
मेरा पॉइंट स्पेस-X के मालिक इलोन मस्क की तारीफ़ करना नहीं है…
मेरा पॉइंट है
जब आप अपने अंदर तक किसी भी बाहरी आवाज़ को घुसने नहीं देते तब आप पक्के इरादे बना सकते हो और आपको कुछ हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता ..
अगर
इलोन मस्क ने नासा की आवाज़ को अनसूना नहीं किया होता तो आज उसकी स्पेस-X कंपनी नहीं होती, और शायद ना ही कोई तरीक़ा होता सुनीता विलियम्स को बचाने का…
हम अपनी ज़िंदगी में रुकावट डालने वाली आवाज़ को तो रोक ही सकते है…
🙏🙏🙏