हुं मैं आज़ाद पंछी
मुझे उड़ने को खुला आसमां चाहिए
है, अस्क मुजमे कुछ गहरा
मुजे पिगलने को प्यार चाहिये
दिलके संदुको मे है कई सपने
उसे पुरा करने को होसला चाहिये
आईने है जो मुंजे तराश्ते है
ज़िक्र करने को कोई ऐतबार चाहिये
मांगा कुछ ना अब खुदा से
बस तेरी ज़ोली मे सिर्फ मुंजे मुस्कराहत चाहिये
हुं मैं आज़ाद पंछी
मुझे उड़ने को खुला आसमां चाहिए
#tanvi #