मैं और मेरे अह्सास
यादों का एक जाम भरो
मोहब्बत में नशीली यादों का एक जाम भरो l
बुलाने पर आने के वादों का एक जाम भरो ll
एकदूसरे से चाँदनी की साक्षी में लिपटकर l
साथ बिताई मदभरी रातों का एक जाम भरो ll
राह ए इश्क़ में दीवानेपन में रसभरी मीठी l
प्यारसे की हुई सभी बातों का एक जाम भरो ll
"सखी"
डो. दर्शिता बाबूभाई शाह