प्रेम स्वतंत्रता प्रदान करता है न की फ़ालतू जंजालों एवम प्रथाओं में बांध कर रखता है,प्रेम जीवन को एक ऊँचाई देता है,आज प्रेम की परिभाषा बदल दी गयी है, सम्भोग एवम अच्छा दिखना ही प्रेम है,सच तो यही है यदि आप शक्ल से कुरूप हैं तो आप प्रेम तो कर लेंगे परन्तु प्रेमिका आपको नकार देगी.!!