कुछ दर्द ऐसे होते हैं जो लफ़्ज़ों में नहीं ढलते,
बस आँखों से बहते हैं और दिल में ही रहते।
तेरी यादों का सिलसिला भी कितना अजीब है,
भीड़ में भी यह दिल अकेला ही रहता है।
हमने तो बस सच्चा प्यार माँगा था उनसे,
पर बदले में सिर्फ़ ख़ामोशी और फ़ासले मिले।
मुस्कुराहट के पीछे का दर्द हर कोई नहीं समझता,
यह तो बस वही जानता है जो अंदर से टूट चुका हो।