ये तो इंसाफ नहीं है
समानता ही रिश्ते में
नींव होती है रिश्ते की
एक भी ईंट लड़खड़ाए तो
ढह जायेगी इमारत रिश्ते की
तुम सुनाओ तो तुम सही
हम सुनाए तो हम गलत
तुम करो तो तुम सही
हम करे तो हम गलत
सच बोलना इतना ही पसंद है
तो सच सुनना भी सीखो
अपने अहं में सच से
नजरे चुराना है गलत
आईना सब सच बतलाता है
तो क्या आईना भी गलत
अपने तो अपने है, का रोना
कब तो रोओगे ए मुसाफिर
दगा गैर नहीं करते
वे होते है कुछ अपने ही गलत
भ्रम का पर्दा हटाना जरूरी है - भी गलत
कौन अपना है बताना जरूरी है - भी गलत
कब तक आस तकोगे किसी की
जिंदगी का सफर है, काँटो भरा
मंजिल को पाने, अकेले चलना जरूरी है