"चांद से परे"🌙✨
एक दिन खिड़की से एक नज़ारा दिखा,
आसमान में एक चाँद और सितारा दिखा,
चाँद को सबने प्यार से निहारा होगा,
पर उस सितारे को बस चाँद का सहारा दिखा।
रोशनी दोनों में थी, फिर भी फ़र्क़ सा दिखा,
एक को पूरा आसमान, एक को किनारा दिखा,
चाँद की रोशनी में सितारा कुछ फीका सा दिखा,
पर गौर से देखा तो वो सबसे गहरा सितारा दिखा। 🌙✨
~ आद्या