आधी रात की ख़ामोशी,
और यह महका हुआ अँधेरा...
दुनिया सो गई है सारी,
बस जाग रहा है इश्क़ तेरा और मेरा।
चाँदनी ढल रही है आहिस्ता से,
साए आपस में उलझने लगे हैं।
तुम्हारी साँसों की गर्म आँच में,
मेरे सभी सब्र पिघलने लगे हैं।
आँखों में छुपा है थोड़ा सा जुनून,
होंठों पे है एक मीठी सी प्यास।
इस आधी रात के सन्नाटे में,
बस तुम हो, मैं हूँ... और गहरा एहसास।
रुक गया है वक़्त इस लम्हे में आकर
सितारों ने भी नज़रें चुरा ली हैं।
रात के इस दिलकश आग़ोश में,
हमने एक दूसरे में अपनी दुनिया बसा ली है।