औरत ..... औरत ...... औरत
औरत पे किसी चीज़ का इल्ज़ाम लगाना कितना आसान होता है लोगो के लिए ..... तुम गलत करो जिम्मेदार कौन ? औरत......
तुम्हे कुछ पसंद ना आए जिम्मेदार कौन ? औरत....
बच्चे हाथ से निकल गए जिम्मेदार कौन ? औरत...
घर में कुछ भी गलत हो जिम्मेदार कौन? औरत......
क्यों ? हर गलती की जिम्मेदारी सिर्फ औरत ही क्यों होती हैं...
क्या कभी किसी ने जानने की कोशिश की कि वो क्या चाहती हैं।.....
औरत कुछ नहीं चाहती उसे दुनिया से कोई उम्मीद नहीं होती उसे उम्मीद होती है तो बस अपने जीवन साथी से
वो तो रसोई में सिर्फ दही जमने से खुश हो जाती हैं।
उसके लिए खुशी सिर्फ अपने परिवार को खुश रखने मे होती हैं ......
ये इतनी सी बाते समझने में किसी को पूरी जिन्दगी लग जाती हैं तो कोई चंद मिनटों में समझ जाता हैं औरत को सिवाय प्यार और इज्ज़त के कुछ नहीं चाहिए ।
ये है उसकी ज़िन्दगी की कहानी जिसके आधार पे वो जीती हैं।